शनिवार, 20 जून 2015

कचरा


जिन्होंने ज़मीन पर घर बनाए
रहे ज़मीन पर
उनका हक़ है कि कचरा ज़मीन पर फेंके
जिनके घर आसमान में हैं
उनसे सविनय निवेदन है
आसमान में कचरा फेंकने की जगह ढूंढ लें।
ज़मीन पर अघोषित निषेधाज्ञा है
लिफ्ट से उतरने पर।
आसमान आत्ममुग्धता का शिकार होता जा रहा है
इन दिनों इतने घरों को देखकर
दरअसल वह कचरा फेंकने की असली जगह है।
ज़मीन पर नींव खोदी जा सकती है
आसमान से सिर्फ बचा जा सकता है

ओज़ोन की परतों के सहारे।

निखिल आनंद गिरि

1 टिप्पणी:

इस पोस्ट पर कुछ कहिए प्लीज़

ये पोस्ट कुछ ख़ास है

जेब जितने बड़े आदमी के लिए कविताएं

1) जल्दी लौट आऊंगा यह कहकर रोज़ निकलता हूं देर से लौटता हूं रोज़। ट्रैफिक के नियम एक बच्चे के लिए नहीं बदले जा सकते नहीं बदली जा सकती बच्चे ...