बच्चे तुम अपने घर जाओ
घर कहीं नहीं है
तो वापस कोख में जाओ
माँ कहीं नहीं है
पिता के वीर्य मे जाओ
पिता कहीं नहीं है
तो माँ के गर्भ में जाओ
गर्भ का अंडा बंजर
तो मुन्ना झर जाओ तुम
उसकी माहवारी में
जाती है जैसे उसकी इच्छा
संडास के नीचे
वैसे तुम भी जाओ
लड़की को मुक्त करो
अब बच्चे तुम अपने घर जाओं
गगन गिल
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