क़र्ज़दार हूं उन आंखों का
जिन्हें सिर्फ़ सुन्दर दिखा।
एक लड़की जिसने प्रेम में
मेरे हर अक्षर को वाक्य समझा
और हर वाक्य को महाकाव्य
मेरी हर मौन उदासी में रोई
मेरे एहसास के साथ ही सोई
यह भरम ही सही जीवन का
मेरे होने से ही उसका जीवन है।
यह बात किसी शास्त्र में लिखी तो नहीं मगर तय है कि किसी भी सफ़ल हत्या के पीछे एक पुरुष का हाथ ज़रूर होता है। वह किसी भी शक्ल में तुम्हारे पास...
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