बुधवार, 30 नवंबर 2016

राष्ट्रवाद बबुआ, धीरे-धीरे आई..

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राष्ट्रवाद बबुआ धीरे-धीरे आई
राष्ट्रवाद बबुआ धीरे-धीरे आई

जजवा से आई, कोर्टवा से आई
रजवा से आई, नोटवा से आई
भगवा लंगोटवा से आई..
राष्ट्रवाद बबुआ, धीरे-धीरे आई

कचरा जे खाई, गईया से आई
भोट दिलाई, भारत मईया से आई
राम जी दुहाई दुहाई..
राष्ट्रवाद बबुआ, धीरे-धीरे आई

पेटीएम से आई, एटीएम से आई
बड़ बड़ बकर बड़, पीएम से आई
नौलखा सूटवा सिलाई..
राष्ट्रवाद बबुआ, धीरे-धीरे आई

नेहरू के भाग में, कचरा गारी
लोहा के बल्लभ, बापू हज़ारी
जनता दिने-दिन लुुटाई
(क्रांतिकारी कवि गोरख पांडेय के मशहूर गीत से प्रेरित)

निखिल आनंद गिरि


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